गणपति मुनि

गणपति मुनि

रमण आश्रम , तिरुवन्नामलाई (तमिलनाडु)
कलावरई, विजयनगरम (आंध्र प्रदेश)

Divine Journey & Teachings

गणपति मुनि 

परिचय

गणपति मुनि (Ganapati Muni), जिनका पूरा नाम अय्यलसोमयाजुला सूर्य गणपति शास्त्री था, एक महान भारतीय विद्वान, कवि और तपस्वी थे। वे प्रसिद्ध संत रामण महर्षि के शिष्य थे।

उन्हें “काव्यकंठ” (जिसके कंठ में काव्य हो) और “नयन” के नाम से भी जाना जाता था।

व्यक्तिगत जीवन

  • जन्म नाम: अय्यलसोमयाजुला सूर्य गणपति शास्त्री
  • जन्म: 17 नवम्बर 1878
  • जन्म स्थान: कलावरई, विजयनगरम (आंध्र प्रदेश)
  • मृत्यु: 25 जुलाई 1936 (आयु 57 वर्ष)
  • मृत्यु स्थान: खड़गपुर
  • पिता: नरसिंह शास्त्री
  • माता: नरसामंबा
  • पेशा: विद्वान, कवि

जीवन परिचय 

गणपति मुनि का जन्म आंध्र प्रदेश के गजपति नगरम के निकट लोगिसा अग्रहारम में हुआ। वे अपने माता-पिता के तीन पुत्रों में दूसरे थे।

18 वर्ष की आयु में उन्होंने घर छोड़ दिया और विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करते हुए तपस्या की। उन्होंने भुवनेश्वर और अन्य तीर्थ स्थलों में साधना की।

वाराणसी में रहते समय उन्हें बंगाल के नवद्वीप में आयोजित संस्कृत विद्वानों की सभा के बारे में पता चला। उन्होंने उसमें भाग लिया और संस्कृत गद्य एवं काव्य में अपनी अद्भुत प्रतिभा के कारण उन्हें “काव्यकंठ” की उपाधि दी गई। उस समय उनकी आयु केवल 22 वर्ष थी।

25 वर्ष की आयु में वे घर लौटे और बाद में कांचीपुरम से अरुणाचल (तिरुवन्नामलाई) पहुँचे, जहाँ उन्होंने तपस्या की।

रामण महर्षि से संबंध

1903 में उन्होंने अरुणाचल में रामण महर्षि से भेंट की, जो उस समय ब्रह्मणस्वामी के नाम से जाने जाते थे।

17 नवम्बर 1907 को उन्होंने रामण महर्षि को अपना गुरु स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने एक महान स्तुति ग्रंथ “उमा सहस्रम” की रचना की, जिसमें देवी पार्वती के लिए 1000 श्लोक हैं।

अन्य संतों से संपर्क

गणपति मुनि ने 15 अगस्त 1928 को श्री अरविन्द से भी भेंट की।

मृत्यु

गणपति मुनि का निधन 25 जुलाई 1936 को खड़गपुर में हुआ।

प्रभाव 

गणपति मुनि की शिक्षाएँ उनके प्रमुख ग्रंथ “उमा सहस्रम” और “महाविद्यादि सूत्र” में मिलती हैं।

उन्होंने तंत्र के बारे में फैली गलत धारणाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रमुख शिष्य

  • टी. वी. कपाली शास्त्री

साहित्यिक रचनाएँ 

  • उमा सहस्रम
  • श्रीरामण गीता – रामण महर्षि के उपदेशों का संग्रह
  • हेरम्बोपस्थानम् – भगवान गणेश पर आधारित काव्य

Reference Wikipedia