संत एकनाथ (Eknath) 16वीं शताब्दी के एक महान भारतीय हिन्दू वैष्णव संत, दार्शनिक और कवि थे। वे भगवान विठ्ठल के परम भक्त थे और वारकरी परंपरा के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं। उन्हें संत ज्ञानेश्वर और संत नामदेव का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी भी माना जाता है।
संत एकनाथ का जन्म महाराष्ट्र के पैठण नगर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता का निधन उनके बचपन में ही हो गया था, जिसके बाद उनका पालन-पोषण उनके दादा चक्रपाणि ने किया।
उनके परदादा भानुदास भी वारकरी संप्रदाय के एक प्रसिद्ध संत थे, जिससे एकनाथ जी को बचपन से ही आध्यात्मिक वातावरण मिला।
उन्होंने अपने गुरु जनार्दन स्वामी से दीक्षा ली, जो भगवान दत्तात्रेय के उपासक थे।
पैठण में गोदावरी नदी के किनारे उनकी समाधि स्थित है, जहाँ प्रतिवर्ष मार्च के आसपास उनके सम्मान में उत्सव मनाया जाता है।
संत एकनाथ ने मराठी साहित्य को नई दिशा दी और अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की:
उन्होंने लगभग 300 “भारूड” (भक्ति गीत) भी रचे, जो आज भी अत्यंत लोकप्रिय हैं।
संत एकनाथ ने मराठी भाषा के महत्व को बढ़ावा दिया। उनका मानना था कि:
“यदि संस्कृत भगवान की भाषा है, तो क्या प्राकृत चोरों की भाषा है? भगवान के लिए सभी भाषाएँ समान हैं। मेरी भाषा मराठी भी उच्चतम भावनाओं को व्यक्त करने में सक्षम है।”
उन्होंने यह सिद्ध किया कि सामान्य भाषा में भी गहन आध्यात्मिक ज्ञान व्यक्त किया जा सकता है।
Reference Wikipedia