स्वामी राम

स्वामी राम

साधना मंदिर आश्रम
उत्तरी भारत (गढ़वाल हिमालय क्षेत्र)

Divine Journey & Teachings

स्वामी राम

परिचय

स्वामी राम (1925 – 13 नवंबर 1996) एक भारतीय योग गुरु थे, जिन्होंने योग, ध्यान और विशेष रूप से योग निद्रा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे 1969 में अमेरिका गए और वहाँ योग शिक्षा का प्रसार किया। उन्होंने “हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ योगा साइंस एंड फिलॉसफी” की स्थापना की, जो बाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हुआ। वे अपने शरीर और मन पर असाधारण नियंत्रण तथा योगिक क्षमताओं के लिए भी जाने जाते थे।

व्यक्तिगत जीवन

  • जन्म नाम: बृज किशोर धस्माना
  • जन्म: 1925
  • जन्म स्थान: उत्तरी भारत (गढ़वाल हिमालय क्षेत्र)
  • मृत्यु: 13 नवंबर 1996
  • धर्म: हिंदू धर्म
  • गुरु: बंगाली बाबा

प्रारंभिक जीवन और साधना

स्वामी राम का जन्म उत्तर भारत के गढ़वाल हिमालय क्षेत्र के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उनका पालन-पोषण हिमालय के आश्रमों और गुफाओं में उनके गुरु श्री माधवानंद भारती द्वारा किया गया।

उन्होंने विभिन्न संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने का दावा किया, जिनमें होम्योपैथिक चिकित्सा और यूरोप के कुछ विश्वविद्यालय भी शामिल थे। हालांकि, बाद में उनके जीवन के कुछ पहलुओं की सत्यता पर प्रश्न उठाए गए।

1969 में वे अमेरिका गए, जहाँ उन्होंने मंदिरों और चर्चों में व्याख्यान दिए और YMCA तथा निजी स्थानों पर हठ योग का शिक्षण किया। उन्होंने योग के साथ दर्शन और ध्यान को भी जोड़कर प्रस्तुत किया।

हिमालयन इंस्टीट्यूट 

स्वामी राम ने 1966 में भारत के कानपुर में “हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ योगा साइंस एंड फिलॉसफी” की स्थापना की। बाद में 1971 में इसका एक केंद्र अमेरिका के इलिनॉय में स्थापित किया गया और 1977 में इसका मुख्यालय पेनसिल्वेनिया में स्थानांतरित किया गया।

यह संस्थान आज अमेरिका, यूरोप और भारत में सक्रिय है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उत्तराखंड के देहरादून में एक बड़े चिकित्सा संस्थान की स्थापना की, जिसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के गरीब लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना था।

योग निद्रा 

स्वामी राम योग निद्रा (योगिक निद्रा) के अभ्यास के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे। 1971 में कंसास (अमेरिका) स्थित मेनिंगर फाउंडेशन में उनके योगिक क्षमताओं पर वैज्ञानिक प्रयोग किए गए।

इन प्रयोगों में उन्होंने अपने मस्तिष्क की तरंगों (brain waves) को नियंत्रित करने की क्षमता प्रदर्शित की। वे अल्फा, थीटा और डेल्टा तरंगों को अपनी इच्छा से उत्पन्न कर सकते थे और गहरी नींद की अवस्था में भी पूरी जागरूकता बनाए रखते थे।

एक प्रयोग में उन्होंने 17 सेकंड तक अपने हृदय की धड़कन को नियंत्रित किया और अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों के तापमान में अंतर उत्पन्न किया। इन क्षमताओं के कारण उन्हें “autonomic control” के क्षेत्र में विशेष पहचान मिली।

रचनाएँ 

स्वामी राम ने भारत और अमेरिका में कई पुस्तकें लिखीं, जिनमें योग, ध्यान और आध्यात्मिक जीवन के सिद्धांतों का वर्णन किया गया है। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “Living with Himalayan Masters” एक प्रभावशाली आत्मकथात्मक कृति मानी जाती है।

इसके अलावा उन्होंने “Yoga and Psychotherapy” (1976) जैसी पुस्तक में हठ योग को पश्चिमी मनोविज्ञान के संदर्भ में प्रस्तुत किया।

विवाद 

स्वामी राम के जीवन में कुछ विवाद भी जुड़े रहे। 1970 के दशक से उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए जाते रहे। बाद में 1997 में एक महिला ने उनके खिलाफ दायर मुकदमे में जीत हासिल की, जिसमें उन्हें क्षतिपूर्ति के रूप में आर्थिक दंड दिया गया।

इन घटनाओं के कारण उनके जीवन और कार्यों को लेकर विभिन्न मत सामने आए।

Reference Wikipedia