सुधांशु जी महाराज

सुधांशु जी महाराज

आनंदधाम आश्रम , दिल्ली
हरिपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, भारत

Divine Journey & Teachings

सुधांशु जी महाराज 

परिचय

आचार्य सुधांशु जी महाराज एक प्रसिद्ध भारतीय आध्यात्मिक गुरु, प्रवचनकर्ता और “विश्व जागृति मिशन (Vishwa Jagriti Mission)” के संस्थापक हैं। उनका जन्म 2 मई 1955 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ। वे विश्वभर में लाखों अनुयायियों के आध्यात्मिक मार्गदर्शक माने जाते हैं। उनके संगठन के अनुसार उनके लगभग 1 करोड़ अनुयायी हैं और यह संस्था भारत सहित कई देशों में सक्रिय है।

व्यक्तिगत जीवन

  • जन्म: 2 मई 1955
  • जन्म स्थान: हरिपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
  • नागरिकता: भारतीय
  • संतान: 2

सुधांशु जी महाराज का जन्म गंगा और यमुना नदियों के बीच स्थित शिवालिक क्षेत्र के निकट हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा विद्यालय में प्राप्त की, तत्पश्चात गुरुकुल में अध्ययन किया और बाद में विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

जीवन और साधना

20 वर्ष की आयु में उन्होंने हरिद्वार में प्रोफेसर नंदकिशोर जैसे दार्शनिक विद्वानों से अध्ययन किया। 22 वर्ष की आयु में शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने भारत के चार प्रमुख तीर्थों सहित अनेक धार्मिक स्थलों की यात्रा की। उन्होंने योगी श्री सदानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में ध्यान साधना की और अपने गुरु के निर्देश पर वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता और रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों पर प्रवचन देना प्रारंभ किया।

विश्व जागृति मिशन 

विश्व जागृति मिशन की स्थापना 24 मार्च 1991 को दिल्ली में सुधांशु जी महाराज द्वारा की गई। यह संगठन आध्यात्मिकता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और मानव सेवा से जुड़े कार्य करता है। संस्था भारत और विदेशों में 80 से अधिक शाखाओं के साथ सक्रिय है और कई शैक्षणिक संस्थानों का संचालन करती है।

यह संगठन भारत के साथ-साथ हांगकांग, सिंगापुर, इंडोनेशिया और अमेरिका में भी अपनी उपस्थिति रखता है। इसके अंतर्गत महार्षि वेदव्यास गुरुकुल विद्यापीठ (कानपुर, नागपुर, दिल्ली) और वेदव्यास उपदेशक महाविद्यालय (नई दिल्ली) संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा यह संस्था गौशालाएँ और अस्पताल भी संचालित करती है।

सनातन संस्कृति जागरण अभियान

सुधांशु जी महाराज ने विश्व जागृति मिशन के अंतर्गत “सनातन संस्कृति जागरण अभियान” की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य सनातन धर्म और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है। इसके अंतर्गत गुरुकुल आधारित शिक्षा संस्थानों के विस्तार और बच्चों के लिए “बाल संस्कार केंद्र” स्थापित करने की योजना शामिल है।

बाल विकास और शिक्षा कार्य

विश्व जागृति मिशन आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा और कल्याणकारी योजनाएँ चलाता है। इसके अंतर्गत फरीदाबाद में “ज्ञानदीप विद्यालय” और सूरत में “देवदूत बालाश्रम” जैसे संस्थान संचालित किए जाते हैं।

साल 2001 में संस्था ने शिक्षा संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ याचिका दायर की और सुधांशु जी महाराज ने इसे छात्रों के उत्पीड़न का एक रूप बताया। उन्होंने योग और ध्यान के माध्यम से तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य पर भी कार्य किया है।

वृद्ध सेवा 

विश्व जागृति मिशन आनंद धाम आश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवासीय सुविधा प्रदान करता है। यहाँ रहने वाले लोगों के लिए एक व्यवस्थित दैनिक जीवनचर्या और सामूहिक गतिविधियों की व्यवस्था की जाती है।

सामाजिक कार्य और आपदा राहत

यह संगठन विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय है, जिनमें आपदा राहत, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रम शामिल हैं। इसके साथ ही महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाएँ चलाई जाती हैं।

रचनाएँ और प्रकाशन 

सुधांशु जी महाराज ने हिंदी और अंग्रेज़ी में कई धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर पुस्तकें लिखी हैं। उन्होंने भगवद गीता जैसे ग्रंथों पर भाष्य भी प्रस्तुत किए हैं।

उनके नेतृत्व में विश्व जागृति मिशन “जीवन संचेत्ता” नामक मासिक पत्रिका और “धर्मदूत” नामक समाचार पत्र प्रकाशित करता है। उनकी रचनाएँ आध्यात्मिकता, ध्यान और भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर आधारित हैं।

Reference Wikipedia