Shiv Shankar Damru Wale

Sacred Melody

|| शिव शंकर डमरू वाले ||

(कोरस)
है धन्य तेरी माया जग में,
ओ दुनिया के रखवाले।
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥

(स्तोत्र)
नमामि शंकर, नमामि हर-हर,
नमामि देवा महेश्वरा।
नमामि पारब्रह्म परमेश्वर,
नमामि भोले दिगम्बरा॥

(कोरस)
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥

(अंतरा 1)
जो ध्यान तेरा धर ले मन में,
वो जग से मुक्ति पाए।
भवसागर से उसकी नैया,
तू पल में पार लगाए।
संकट में भक्तों को बढ़कर,
तू भोले आप संभाले॥

(कोरस)
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥

(अंतरा 2)
है कोई नहीं इस दुनिया में,
तेरे जैसा वरदानी।
नित सुमिरन करते नाम तेरा,
संत, ऋषि और ज्ञानी।
ना जाने किस पर खुश होकर,
तू क्या से क्या दे डाले॥

(कोरस)
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥

(अंतरा 3)
त्रिलोक के स्वामी होकर भी,
क्या औघड़ रूप बनाए।
कर में डमरू, त्रिशूल लिए,
नाग गले लिपटाए।
तुम त्याग के अमृत पीते हो,
नित प्रेम से विष के प्याले॥

(कोरस)
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥

(अंतरा 4)
तप खंडित करने कामदेव,
जब इन्द्रलोक से आया।
और साध के अपना काम-बाण,
तुझ पर वो मूर्ख चलाया।
तब खोल तीसरा नयन,
भस्म उसे पल में कर डाले॥

(कोरस)
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥

(अंतरा 5)
जब चली कालिका क्रोधित हो,
खप्पर और खड्ग उठाए।
तब हाहाकार मचा जग में,
सब सुर और नर घबराए।
तुम बीच डगर में सोकर,
शक्ति देवी की हर डाले॥

(कोरस)
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥

(अंतरा 6)
अब दृष्टि दया की भक्तों पर,
हे डमरूधर कर देना।
शर्मा और लख्खा की झोली,
भोले शंकर भर देना।
अपना ही सेवक जान हमें भी,
चरणों में अपना ले लेना॥

(समापन स्तुति)
नमामि शंकर, नमामि हर-हर,
नमामि देवा महेश्वरा।
नमामि पारब्रह्म परमेश्वर,
नमामि भोले दिगम्बरा॥

(अंतिम कोरस)
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले-भाले॥