|| दया करो माँ दया करो ||
(कोरस)
दया करो माँ दया करो,
अब तो मुझ पर दया करो।
देर भई, बड़ी देर भई,
यूँ न देर लगाया करो॥
दया करो माँ दया करो,
अब तो मुझ पर दया करो॥
(अंतरा 1)
मुद्दत हो गई हाथ पसारे,
अभी सुनी फरियाद नहीं।
माँ जगजननी इन बच्चों की,
आई तुम्हें क्यों याद नहीं॥
हम हैं बड़े कमजोर,
हम हैं बड़े कमजोर,
हमारा सब्र न यूँ आजमाया करो।
दया करो माँ दया करो,
अब तो मुझ पर दया करो॥
(अंतरा 2)
धूनी रमाई, अलख जगाई,
बिगड़ी बना दो बात माँ।
अष्टभुजी माँ बच्चों के सिर,
कोई तो रख दो हाथ माँ॥
जीते हैं जो तेरे सहारे,
हो जीते हैं जो तेरे सहारे,
उनको न तड़पाया करो।
दया करो माँ दया करो,
अब तो मुझ पर दया करो॥
(अंतरा 3)
सच्चे मन से चिंता हरनी,
हम तो पुकारे जाएंगे।
तू ही सुनेगी, तुझसे कहेंगे,
झोली यही फैलाएंगे॥
छोड़ेंगे न चरण तुम्हारे,
हो छोड़ेंगे न चरण तुम्हारे,
चाहे हमें ठुकराया करो।
दया करो माँ दया करो,
अब तो मुझ पर दया करो॥
(समापन)
दया करो माँ दया करो,
अब तो मुझ पर दया करो।
देर भई, बड़ी देर भई,
यूँ न देर लगाया करो॥
दया करो माँ दया करो,
अब तो मुझ पर दया करो॥