मास्टर सी. वी. वी.

मास्टर सी. वी. वी.

योगा स्कूल फ्रेंड्स सोसाइटी , कुंभकोणम, तमिलनाडु
कुंभकोणम, ब्रिटिश भारत (वर्तमान तमिलनाडु, भारत)

Divine Journey & Teachings

मास्टर सी. वी. वी.

परिचय

मास्टर सी. वी. वी. (Canchupati Venkatarao Venkaswami Rao; 4 अगस्त 1868 – 12 मई 1922) एक भारतीय दार्शनिक, योगी और गुरु थे। उन्होंने एक विशेष योग प्रणाली की स्थापना की, जिसे "योग लाइन" (Yoga Line) या "भृक्ता रहित तारक राज योग" कहा जाता है।

वे अपने मूल हस्तलिखित लेखनों में स्वयं को Master C.V.V. के नाम से संबोधित करते थे। उन्होंने मानव जीवन के स्वरूप (Human Format) में परिवर्तन और आध्यात्मिक उन्नति से संबंधित कई प्रयोग किए।

व्यक्तिगत जीवन

जन्म

  • पूरा नाम: कंचुपति वेंकटाराव वेंकास्वामी राव
  • जन्म तिथि: 4 अगस्त 1868
  • जन्म स्थान: कुंभकोणम, ब्रिटिश भारत (वर्तमान तमिलनाडु, भारत)

मृत्यु

  • मृत्यु तिथि: 12 मई 1922
  • आयु: 53 वर्ष
  • स्थान: कुंभकोणम, ब्रिटिश भारत

परिवार

  • पिता: श्री कुप्पुस्वामी अय्यंगार
  • माता: श्रीमती कमम्मा
  • परिवार मूलतः आंध्र प्रदेश से संबंधित एक तेलुगु ब्राह्मण परिवार था, जो विजयनगर साम्राज्य के समय तमिलनाडु में आकर बस गया।

शिक्षा

  • प्रारंभिक शिक्षा कुंभकोणम में हुई
  • उच्च शिक्षा श्रीरंगम में प्राप्त की

उपनयन संस्कार

  • 5 वर्ष की आयु में संपन्न हुआ

गोद लिया जाना

  • इन्हें उनकी पितृ पक्ष की बुआ श्रीमती कंचुपति सुब्बम्मा ने गोद लिया और उनका पालन-पोषण किया

विवाह एवं पारिवारिक जीवन

प्रथम विवाह

  • पत्नी: रुक्मिणी
  • विवाह वर्ष: 1880 (जब वे 12 वर्ष के थे)
  • संतान: तीन पुत्र और एक पुत्री
  • पत्नी का निधन: 1904 (36 वर्ष की आयु में)

द्वितीय विवाह

  • पत्नी: वेंकम्मा
  • विवाह वर्ष: 1908
  • संतान: तीन पुत्रियाँ और एक पुत्र
  • यह विवाह उनके जीवन के अंतिम समय तक रहा

धार्मिक जीवन

धर्म

  • हिंदू धर्म

संस्थापक

  • योग लाइन (Yoga Line)
    (जिसे भृक्ता रहित तारक राज योग भी कहा जाता है)

दर्शन (Philosophy)

  • मानव जीवन के स्वरूप में सुधार करना
  • ब्रह्मांडीय शक्तियों को संतुलित करना
  • मानव को शारीरिक अमरता (Eternal Life) की ओर ले जाना

आध्यात्मिक जीवन और साधना

मास्टर सी. वी. वी. ने अपने जीवन में अनेक आध्यात्मिक प्रयोग किए। उन्होंने मानव शरीर, चेतना और ब्रह्मांडीय शक्तियों के बीच संबंधों को समझने और बदलने का प्रयास किया।

उन्होंने हजारों पृष्ठों में तमिल भाषा में अपने प्रयोगों और अनुभवों को लिखा, जिनमें मानव शरीर के सूक्ष्म परिवर्तन और ऊर्जा के स्तरों का वर्णन मिलता है।

योग प्रणाली (Yoga Line)

  • स्थापना वर्ष: 1910
  • उद्देश्य:
    • मानव शरीर और चेतना में परिवर्तन
    • ग्रहों और ब्रह्मांडीय शक्तियों का संतुलन
    • कर्मों का शुद्धिकरण
    • मानव को अमरता की दिशा में ले जाना

वे अपने शिष्यों को "मीडियम" (Mediums) कहते थे।

उनके अनुसार, यह योग सामान्य योग से अलग था और विशेष आध्यात्मिक स्तर पर कार्य करता था।

विशेष शिक्षाएँ

  • मानव जन्म का कारण “परमाणु (Atom)” है
  • कर्मों के प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है
  • मानव शरीर को दिव्य स्तर तक विकसित किया जा सकता है
  • ब्रह्मांडीय शक्तियों को नियंत्रित और संतुलित किया जा सकता है

प्रमुख अवधारणाएँ

MTA (Creation Forces)

उन्होंने अपने लेखों में विभिन्न “सृजन शक्तियों” और उच्च आध्यात्मिक स्तर प्राप्त आत्माओं का वर्णन किया, जिन्हें उन्होंने MTA नाम दिया।

योग पर प्रतिबंध

  • 31 जनवरी 1922 को उन्होंने इस योग प्रणाली में नए प्रवेश (admissions) बंद कर दिए
  • उन्होंने यह योग प्रणाली अपने निधन के बाद सार्वजनिक अभ्यास के लिए जारी नहीं की

मंत्र एवं प्रार्थना

"Master C.V.V. Namaskaram"

यह एक विशेष प्रार्थना है, जिसे उनके अनुयायी आज भी करते हैं।

प्रार्थना का भावार्थ:

  • सम्पूर्ण ब्रह्मांड और स्वयं को सुखी बनाने की कामना
  • भूत और वर्तमान के कर्मों का नाश
  • जन्म के कारण (परमाणु) का शुद्धिकरण
  • शरीर में दोषों का सुधार
  • इसी जन्म में शारीरिक अमरता प्राप्त करना

⚠️ महत्वपूर्ण निर्देश:

  • इस मंत्र को बार-बार नहीं दोहराना चाहिए
  • इसे सामान्य मंत्रों की तरह जप नहीं करना चाहिए

सामाजिक जीवन

मास्टर सी. वी. वी. कुछ समय के लिए कुंभकोणम नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष (Chairman) भी रहे।

अनुयायी एवं परंपरा

उनके अनुयायी मानते हैं कि:

  • उनके मूल हस्तलिखित ग्रंथ ही इस योग का वास्तविक स्रोत हैं
  • आज भी विभिन्न रूपों में यह योग परंपरा मौजूद है

मृत्यु

मास्टर सी. वी. वी. का निधन 12 मई 1922 को कुंभकोणम में हुआ।

Reference Wikipedia