राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथजी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यह मंदिर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप “श्रीनाथजी” को समर्पित है, जो गोवर्धन पर्वत उठाने वाले स्वरूप के रूप में पूजे जाते हैं।
यह मंदिर न केवल भारत में बल्कि विश्वभर में वैष्णव संप्रदाय, विशेष रूप से पुष्टिमार्ग (Pushtimarg) के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और श्रीनाथजी की सेवा-भक्ति में लीन रहते हैं।
श्रीनाथजी भगवान कृष्ण का वह स्वरूप है जिसमें वे अपने बाएँ हाथ से गोवर्धन पर्वत उठाए हुए दिखाई देते हैं।
मंदिर में स्थापित श्रीनाथजी की मूर्ति काले पत्थर (शिलापट्ट) से बनी है और यह अत्यंत प्राचीन एवं दिव्य मानी जाती है।
भक्तों का विश्वास है कि श्रीनाथजी अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं और उन्हें प्रेम, भक्ति और आनंद प्रदान करते हैं।
श्रीनाथजी की मूर्ति का संबंध वृंदावन के पास स्थित गोवर्धन पर्वत से है।
👉 कथा के अनुसार:
यह मूर्ति भगवान कृष्ण की लीला और उनकी शक्ति का प्रतीक है।
श्रीनाथजी की मूर्ति मूल रूप से गोवर्धन (मथुरा, उत्तर प्रदेश) में स्थापित थी।
इस प्रकार नाथद्वारा श्रीनाथजी का स्थायी निवास बन गया।
नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर की स्थापना 1672 ईस्वी के आसपास हुई।
यह मंदिर वैष्णव परंपरा का प्रमुख केंद्र बन गया।
श्रीनाथजी मंदिर की वास्तुकला अन्य मंदिरों से अलग है।
यह शैली भक्ति को एक व्यक्तिगत और भावनात्मक रूप देती है।
श्रीनाथजी मंदिर में वर्षभर अनेक उत्सव मनाए जाते हैं:
👉 जन्माष्टमी
👉 अन्नकूट (गोवर्धन पूजा)
👉 होली और दीपावली
👉 फाल्गुन उत्सव
यहाँ “सेवा” की परंपरा बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें दिनभर भगवान के लिए विभिन्न प्रकार की सेवाएँ और श्रृंगार किए जाते हैं।
यह मंदिर वल्लभाचार्य द्वारा स्थापित पुष्टिमार्ग संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है।
श्रीनाथजी मंदिर राजस्थान के नाथद्वारा शहर में स्थित है।
श्रीनाथजी से जुड़ी कई चमत्कारिक कथाएँ प्रचलित हैं।
आज के समय में श्रीनाथजी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में से एक है।
यह मंदिर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
श्रीनाथजी मंदिर का संचालन नाथद्वारा मंदिर बोर्ड (Temple Board) और पुष्टिमार्गीय गोस्वामी परंपरा के अंतर्गत किया जाता है। मंदिर की धार्मिक व्यवस्था वल्लभाचार्य संप्रदाय (Pushtimarg) के वंशजों द्वारा संचालित होती है, जिन्हें “तिलकायत” कहा जाता है।
📌 श्रीनाथजी मंदिर
नाथद्वारा, राजसमंद जिला
राजस्थान – 313301, भारत
👉 उदयपुर से लगभग 48 किमी दूरी पर स्थित
👉 Official Website:
https://www.nathdwaratemple.org/
👉 यहाँ से:
📱 फोन नंबर:
👉 +91 02953 233484
👉 +91 02953 232482
📧 ईमेल:
👉 [email protected]
📍 मंदिर बोर्ड कार्यालय:
Opp. Risala Chowk, Nathdwara, Rajasthan
मंदिर की आय मुख्यतः निम्न स्रोतों से होती है:
नाथद्वारा की अर्थव्यवस्था भी इस मंदिर से जुड़ी हुई है
NH 8, Shiv Nagar, Nathdwara, Rajasthan 313301
Managing Trust: Shri Nathdwara Mandir board
Trust Reg No: +91 02953 232482