Shree Saptashrungi Nivasini Devi Shaktipeeth
Shree Saptashrungi Nivasini Devi Shaktipeeth

Nashik, Maharashtra

Mandir History & Info

श्री सप्तश्रृंगी देवी मंदिर – वणी (महाराष्ट्र) का इतिहास

महाराष्ट्र के नासिक जिले के वणी क्षेत्र में स्थित श्री सप्तश्रृंगी देवी मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर सात पहाड़ियों (सप्त + श्रृंग) के बीच स्थित है, इसलिए इसे “सप्तश्रृंगी” कहा जाता है। यह मंदिर देवी दुर्गा के उग्र और शक्तिशाली स्वरूप को समर्पित है और अत्यंत प्राचीन तथा पवित्र स्थल माना जाता है।

1. किसने बनाया (पौराणिक आधार)

👉 यह मंदिर सती कथा और देवी दुर्गा से जुड़ा हुआ है

👉 मान्यता है:
भगवान शिव के तांडव के दौरान माता सती के अंग पृथ्वी पर गिरे

👉 माना जाता है:
यहाँ माता सती का दाहिना हाथ (Right Arm) गिरा था

👉 इसलिए:
यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में पूजित है

2. नाम का अर्थ (Saptashrungi)

“सप्त” = सात
“श्रृंग” = पहाड़ / शिखर

👉 अर्थात:
सात पर्वतों से घिरा हुआ देवी का स्थान

3. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)

👉 यह मंदिर प्राचीन काल से शक्ति उपासना का केंद्र रहा है

👉 कोंकण और महाराष्ट्र क्षेत्र में:

देवी सप्तश्रृंगी की पूजा अत्यंत प्रचलित रही है

👉 यह स्थान:

रामायण और महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ माना जाता है

4. कब बना मंदिर

👉 मंदिर का निर्माण:
प्राचीन काल में माना जाता है

👉 इसका सटीक निर्माण काल स्पष्ट नहीं है

👉 यह मंदिर:
हजारों वर्षों से आस्था का केंद्र बना हुआ है

5. क्यों बनाया गया

मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से:

देवी दुर्गा (सप्तश्रृंगी) की पूजा के लिए
शक्तिपीठ के रूप में स्थापना के लिए
भक्तों की रक्षा और कल्याण के लिए

6. क्यों प्रसिद्ध है

यह मंदिर कई कारणों से प्रसिद्ध है:

51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है
सात पहाड़ियों के बीच स्थित
देवी की 18 भुजाओं वाली अद्भुत मूर्ति
महाराष्ट्र का प्रमुख शक्ति मंदिर

7. धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

👉 मान्यता है:

देवी सप्तश्रृंगी भक्तों को शक्ति और सुरक्षा प्रदान करती हैं

👉 यह स्थान:

मनोकामना पूर्ति और रक्षा का केंद्र माना जाता है

8. मंदिर की वास्तुकला और विशेषता

👉 प्रमुख विशेषताएँ:

पहाड़ी पर स्थित मंदिर
पत्थर की प्राचीन संरचना

👉 विशेष:

देवी की मूर्ति प्राकृतिक शिला पर स्थापित है
और 18 भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए हैं

9. भौगोलिक महत्व

👉 स्थान:

वणी, नासिक जिला, महाराष्ट्र

👉 विशेषताएँ:

सात पहाड़ियों के बीच स्थित
प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण

10. मुख्य पूजा और त्योहार

👉 प्रमुख त्योहार:

नवरात्रि (सबसे प्रसिद्ध)
चैत्र और आश्विन नवरात्रि

👉 यहाँ:

लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं

11. यात्रा और परंपरा

👉 परंपरा:

भक्त सीढ़ियों के माध्यम से मंदिर तक पहुंचते हैं

👉 यह यात्रा:

आस्था और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है

12. आधुनिक समय में महत्व

आज यह मंदिर:

महाराष्ट्र का प्रमुख तीर्थ स्थल
धार्मिक और पर्यटन केंद्र
हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं का आकर्षण

13. इतिहास का सार

👉 मुख्य संदेश:

शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक
भक्ति और आस्था का केंद्र
माता सप्तश्रृंगी भक्तों को शक्ति और आशीर्वाद प्रदान करती हैं

Info

श्री सप्तश्रृंगी देवी मंदिर ट्रस्ट – वणी (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र के नासिक जिले के वणी में स्थित श्री सप्तश्रृंगी देवी मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ है। यह मंदिर सात पहाड़ियों के बीच स्थित है और इसका संचालन एक संगठित ट्रस्ट तथा महाराष्ट्र सरकार के प्रशासनिक सहयोग से किया जाता है।

1. ट्रस्ट का नाम और संरचना

👉 इस मंदिर का संचालन मुख्य रूप से
Shri Saptashrungi Nivasini Devi Trust
द्वारा किया जाता है

👉 यह महाराष्ट्र सरकार के
Charity Commissioner / Temple Endowment System
के अंतर्गत पंजीकृत है

👉 इस संरचना में शामिल होते हैं:

  • 🛕 मंदिर ट्रस्ट समिति
  • 👑 अध्यक्ष / ट्रस्टी
  • 📿 पुजारी (पारंपरिक सेवायत)
  • 🧑‍🤝‍🧑 कर्मचारी और स्वयंसेवक

👉 यह एक ट्रस्ट आधारित + पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था है

2. किसने ट्रस्ट बनाया

👉 मंदिर का निर्माण प्राचीन काल में हुआ

👉 प्रारंभ में:
स्थानीय भक्तों और संतों द्वारा पूजा और संचालन किया जाता था

👉 आधुनिक ट्रस्ट:
प्रशासनिक सुविधा हेतु संगठित रूप में स्थापित किया गया

3. कब बनाया गया

👉 मंदिर का निर्माण:
प्राचीन काल

👉 ट्रस्ट गठन:
आधुनिक समय में (प्रबंधन व्यवस्था के लिए)

4. क्यों बनाया गया

मंदिर/ट्रस्ट के मुख्य उद्देश्य:

देवी सप्तश्रृंगी की पूजा और आराधना
शक्तिपीठ परंपरा का संरक्षण
भक्तों को सुविधाएँ प्रदान करना
धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना

5. मंदिर का संचालन कौन करता है

मंदिर का संचालन निम्न संस्थाएँ मिलकर करती हैं:

🛕 Saptashrungi Devi Trust
👑 ट्रस्टी / प्रशासन
📿 पुजारी मंडल
🙏 स्वयंसेवक

👉 यह पूरी व्यवस्था
ट्रस्ट + पारंपरिक पूजा प्रणाली पर आधारित है

6. ट्रस्ट के प्रमुख कार्य

प्रमुख कार्य:

  • दैनिक पूजा और आरती
  • नवरात्रि उत्सव का भव्य आयोजन
  • मंदिर परिसर का रख-रखाव
  • भक्तों के दर्शन की व्यवस्था
  • दान और सेवा प्रबंधन

7. वेबसाइट (Official Information)

👉 https://saptashrungi.net/contact.html

👉 यहाँ से:

  • दर्शन समय
  • यात्रा जानकारी
  • पूजा विवरण

प्राप्त किया जा सकता है

8. लोकेशन (Address)

📍 Address:
Shri Saptashrungi Devi Temple, Vani,
Nashik District, Maharashtra – 422215, India

9. संपर्क (Contact Details)

📞+91-2592-253351

  • Temple Office, Vani
  • Local Trust Committee

👉 संपर्क जानकारी मंदिर परिसर में उपलब्ध होती है

10. अन्य सुविधाएं (Services Provided)

मंदिर द्वारा उपलब्ध सुविधाएँ:

🛕 दर्शन और विशेष पूजा
📿 अनुष्ठान
🍛 प्रसाद व्यवस्था
🚗 पार्किंग
🚌 परिवहन सुविधा
🛏️ आवास / धर्मशाला

11. खास बातें (Unique Features)

  • 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है
  • सात पहाड़ियों के बीच स्थित मंदिर
  • देवी की 18 भुजाओं वाली अद्भुत मूर्ति
  • नवरात्रि में लाखों श्रद्धालु
  • आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित तीर्थ स्थल
Full Address

near Datta Mandir, Saptashurngi, Maharashtra 423501

Managing Trust: Shri Saptashrungi Nivasini Devi Trust

Trust Reg No: +91-2592-253351