Shri Vimala Shakti Peetha Temple, Puri
Shri Vimala Shakti Peetha Temple, Puri

Puri, Odisha

Mandir History & Info

पुरी क्षेत्र शक्तिपीठ – माता बिमला देवी मंदिर (ओडिशा) का इतिहास

पुरी (ओडिशा) में स्थित माता बिमला देवी मंदिर एक अत्यंत पवित्र शक्तिपीठ है, जो जगन्नाथ मंदिर के पवित्र परिसर के भीतर स्थित है। यह मंदिर देवी शक्ति के प्रमुख केंद्रों में से एक है और यहाँ देवी बिमला को आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है।

1. किसने बनाया (पौराणिक आधार)

👉 यह शक्तिपीठ सती कथा से जुड़ा हुआ है

👉 मान्यता है:
भगवान शिव के तांडव के दौरान सती के अंग पृथ्वी पर गिरे

👉 माना जाता है:
यहाँ माता सती का पद (पैर / पाद) गिरा था

👉 इसलिए:
यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में पूजित है

2. नाम का अर्थ (Bimala / Vimala)

“विमला” = शुद्ध, निर्मल, पवित्र

👉 अर्थात:
पूर्ण रूप से शुद्ध और दिव्य शक्ति का स्वरूप

👉 माता बिमला:
आदिशक्ति का पवित्र रूप मानी जाती हैं

3. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)

👉 यह मंदिर प्राचीन काल से एक महत्वपूर्ण शक्ति उपासना केंद्र रहा है

👉 विशेष बात:

यह मंदिर प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर परिसर के अंदर स्थित है
जहाँ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा होती है

👉 प्राचीन समय में:

यह स्थान तांत्रिक साधना और शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र था

4. कब बना मंदिर

👉 मंदिर का निर्माण:
लगभग 11वीं–12वीं शताब्दी में माना जाता है

👉 यह मंदिर:
1000+ वर्ष पुराना है

👉 इसे:
गंग वंश (Eastern Ganga Dynasty) के समय विकसित किया गया

5. क्यों बनाया गया

मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से:

देवी शक्ति की पूजा के लिए
जगन्नाथ मंदिर में शक्ति तत्व को स्थापित करने के लिए
तांत्रिक और वैदिक साधना के केंद्र के रूप में

6. क्यों प्रसिद्ध है

यह मंदिर कई कारणों से प्रसिद्ध है:

51 शक्तिपीठों में से एक
जगन्नाथ मंदिर परिसर के भीतर स्थित
तांत्रिक पूजा का प्रमुख केंद्र
महाप्रसाद की विशेष परंपरा

7. धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

👉 मान्यता है:

जगन्नाथ मंदिर का प्रसाद पहले माता बिमला को अर्पित किया जाता है
तभी वह “महाप्रसाद” बनता है

👉 यह मंदिर:

शक्ति और भक्ति का अद्भुत संगम है

👉 यहाँ दर्शन से:

पापों का नाश और शुद्धि प्राप्त होती है

8. मंदिर की वास्तुकला और विशेषता

👉 प्रमुख विशेषताएँ:

कलिंग शैली की वास्तुकला
पत्थर से बना प्राचीन मंदिर
सजावटी नक्काशी और शिल्प

👉 विशेष:

यह मंदिर मुख्य जगन्नाथ मंदिर के अंदर स्थित है

9. भौगोलिक महत्व

👉 स्थान:

पुरी, ओडिशा

👉 विशेषताएँ:

बंगाल की खाड़ी के पास स्थित
समुद्र तट के निकट
प्राकृतिक और धार्मिक महत्व का संगम

10. मुख्य पूजा और त्योहार

👉 प्रमुख त्योहार:

दुर्गा पूजा
नवरात्रि
रथ यात्रा (जगन्नाथ मंदिर से जुड़ा)

👉 यहाँ:

दैनिक पूजा और तांत्रिक अनुष्ठान होते हैं

11. यात्रा और परंपरा

👉 परंपरा:

भक्त पहले जगन्नाथ जी के दर्शन करते हैं
फिर माता बिमला के दर्शन करते हैं

👉 यह स्थान:

चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण भाग है

12. आधुनिक समय में महत्व

आज यह मंदिर:

एक प्रमुख शक्तिपीठ
पुरी तीर्थ का अभिन्न हिस्सा
हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र

13. इतिहास का सार

👉 मुख्य संदेश:

शक्ति और भक्ति का संगम
शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक
माता बिमला भक्तों को आशीर्वाद और शक्ति प्रदान करती हैं

Info

पुरी क्षेत्र शक्तिपीठ – माता बिमला देवी मंदिर ट्रस्ट (ओडिशा)

पुरी (ओडिशा) में स्थित माता बिमला देवी मंदिर प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर परिसर के भीतर स्थित एक प्रमुख शक्तिपीठ है। इस मंदिर का संचालन मुख्य रूप से जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अंतर्गत किया जाता है, जहाँ पारंपरिक सेवायत व्यवस्था और सरकारी प्रबंधन दोनों का समन्वय देखने को मिलता है।

1. ट्रस्ट का नाम और संरचना

👉 इस मंदिर का संचालन मुख्य रूप से
Shree Jagannath Temple Administration (SJTA), Puri
द्वारा किया जाता है

👉 यह संस्था ओडिशा सरकार के
Shree Jagannath Temple Act, 1955
के अंतर्गत कार्य करती है

👉 इस संरचना में शामिल होते हैं:

  • 🛕 जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA)
  • 👑 मुख्य प्रशासक (Chief Administrator)
  • 📿 सेवायत (पारंपरिक पुजारी वर्ग)
  • 🧑‍🤝‍🧑 कर्मचारी और प्रबंधन दल

👉 यह एक सरकारी + पारंपरिक सेवायत प्रणाली है

2. किसने ट्रस्ट बनाया

👉 मंदिर का मूल निर्माण
प्राचीन राजवंशों द्वारा किया गया

👉 विशेष रूप से:
गंग वंश (Eastern Ganga Dynasty) ने मंदिर का विकास किया

👉 आधुनिक प्रशासन
ओडिशा सरकार द्वारा स्थापित SJTA के अंतर्गत संचालित होता है

3. कब बनाया गया

👉 मंदिर का निर्माण:
लगभग 11वीं–12वीं शताब्दी में माना जाता है

👉 यह मंदिर:
1000+ वर्ष पुराना है

👉 प्रशासनिक ढांचा:
1955 के अधिनियम के बाद व्यवस्थित हुआ

4. क्यों बनाया गया

मंदिर/प्रबंधन के मुख्य उद्देश्य:

देवी बिमला की पूजा और आराधना
जगन्नाथ मंदिर में शक्ति तत्व की स्थापना
धार्मिक परंपराओं का संरक्षण
भक्तों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देना

5. मंदिर का संचालन कौन करता है

मंदिर का संचालन निम्न संस्थाएँ मिलकर करती हैं:

🛕 Shree Jagannath Temple Administration (SJTA)
👑 Chief Administrator
📿 सेवायत (पुजारी समुदाय)
🙏 मंदिर कर्मचारी

👉 यह पूरी व्यवस्था
परंपरागत सेवायत प्रणाली + सरकारी नियंत्रण पर आधारित है

6. ट्रस्ट के प्रमुख कार्य

प्रमुख कार्य:

  • दैनिक पूजा और तांत्रिक अनुष्ठान
  • नवरात्रि और दुर्गा पूजा आयोजन
  • महाप्रसाद व्यवस्था का संचालन
  • मंदिर और परिसर का रख-रखाव
  • श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था

7. वेबसाइट (Official Information)

👉 आधिकारिक वेबसाइट:
🌐 https://www.shreejagannatha.in/

👉 यहाँ से:

  • दर्शन समय
  • पूजा विवरण
  • उत्सव जानकारी

प्राप्त की जा सकती है

8. लोकेशन (Address)

📍 Address:
Bimala Devi Temple, Jagannath Temple Complex,
Puri, Odisha – 752001, India

9. संपर्क (Contact Details)

📞 +91 6752 222002

  • Shree Jagannath Temple Office, Puri
  • Official Website

👉 संपर्क जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होती है

10. अन्य सुविधाएं (Services Provided)

मंदिर द्वारा उपलब्ध सुविधाएँ:

🛕 दर्शन और विशेष पूजा
📿 तांत्रिक अनुष्ठान
🍛 महाप्रसाद (Temple Food Service)
🏨 आवास (धर्मशाला / होटल)
🚗 पार्किंग
🚿 स्नान और स्वच्छता व्यवस्था

11. खास बातें (Unique Features)

  • 51 शक्तिपीठों में से एक
  • जगन्नाथ मंदिर परिसर के भीतर स्थित
  • महाप्रसाद पहले माता बिमला को अर्पित होता है
  • तांत्रिक पूजा का प्रमुख केंद्र
  • चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण भाग
Full Address

Jagannath Temple complex, Puri, Odisha - 752001

Managing Trust: Shree Jagannath Temple Administration (SJTA), Puri

Trust Reg No: +91 6752 222002

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