history of this temple
देव धाम जोधपुरिया राजस्थान के टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र लोकदेवता मंदिर है। यह मंदिर भगवान देवनारायण जी को समर्पित है, जिन्हें विष्णु का अवतार माना जाता है। यह स्थान राजस्थान के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
“देव धाम” का अर्थ है – देवताओं का पवित्र निवास स्थान।
“जोधपुरिया” उस गांव का नाम है जहाँ यह मंदिर स्थित है।
यह मंदिर विशेष रूप से गुर्जर समाज के आराध्य देव भगवान देवनारायण जी के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
लोक मान्यताओं के अनुसार, भगवान देवनारायण जी का जन्म विक्रम संवत 968 में गुर्जर वंश में हुआ था।
उनके पिता का नाम सवाई भोज बागरावत और माता का नाम साधु माता गुर्जरी था।
उन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, जिन्होंने धर्म की रक्षा और समाज कल्याण के लिए अवतार लिया।
देव धाम जोधपुरिया मंदिर की स्थापना भगवान देवनारायण जी की भक्ति और उनकी लीलाओं की स्मृति में की गई।
यह स्थान माशी नदी के तट के पास स्थित है, जो इसकी पवित्रता को और बढ़ाता है।
यह मंदिर लगभग 350 वर्ष पुराना माना जाता है और समय के साथ इसका निरंतर विकास हुआ है।
स्थानीय समाज, भक्तों और दानदाताओं के सहयोग से यह मंदिर एक विशाल तीर्थ स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।
देव धाम जोधपुरिया भगवान देवनारायण जी का प्रमुख धाम है।
भक्त यहाँ आकर:
की कामना करते हैं।
यह मंदिर विशेष रूप से गुर्जर समाज की आस्था का केंद्र है, लेकिन यहाँ सभी धर्मों के लोग आते हैं।
भक्तों का विश्वास है कि यहाँ:
मंदिर में अखंड ज्योति जलती रहती है, जो इसकी दिव्यता का प्रतीक मानी जाती है।
मंदिर की संरचना भव्य और पारंपरिक शैली में निर्मित है।
यह मंदिर आध्यात्मिकता और स्थापत्य कला का सुंदर संगम है।
मंदिर में वर्ष में दो बड़े लक्खी मेले आयोजित होते हैं, जो अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
इन अवसरों पर लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।
देव धाम जोधपुरिया केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है।
यहाँ:
आयोजित होते हैं, जो समाज में एकता और सेवा की भावना को बढ़ाते हैं।
वर्तमान समय में देव धाम जोधपुरिया राजस्थान का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बन चुका है।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं, विशेष रूप से मेलों और शुक्रवार के दिन यहाँ भारी भीड़ रहती है।
मंदिर का प्रबंधन सुव्यवस्थित है और यह स्थान धार्मिक पर्यटन के रूप में भी तेजी से विकसित हो रहा है।
देव धाम जोधपुरिया मंदिर का संचालन मुख्यतः
“श्री देवनारायण मंदिर ट्रस्ट, जोधपुरिया” द्वारा किया जाता है।
यह ट्रस्ट मंदिर की सभी धार्मिक, प्रशासनिक और सेवा गतिविधियों का संचालन करता है।
मंदिर का संचालन एक सुव्यवस्थित ट्रस्ट समिति द्वारा किया जाता है, जिसमें शामिल होते हैं:
कुछ स्रोतों के अनुसार, ट्रस्ट में कई स्थायी सदस्य (life members) भी शामिल होते हैं, जो मंदिर के संचालन में सहयोग करते हैं।
मंदिर में पूजा-अर्चना पारंपरिक लोकदेवता एवं वैष्णव परंपरा के अनुसार की जाती है।
मंदिर ट्रस्ट द्वारा निम्न कार्य किए जाते हैं:
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध हैं:
यहाँ आने वाले भक्तों की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएँ निरंतर विकसित की जाती हैं।
ट्रस्ट द्वारा कई प्रमुख धार्मिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं:
इन कार्यक्रमों में लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
मंदिर का संचालन मुख्यतः निम्न स्रोतों से होता है:
इनका उपयोग मंदिर के विकास और सेवा कार्यों में किया जाता है।
मंदिर ट्रस्ट द्वारा कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं:
देव धाम जोधपुरिया ट्रस्ट समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है:
यह मंदिर विशेष रूप से गुर्जर समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन सभी धर्मों के लोग यहाँ आते हैं।
स्थान:
देव धाम जोधपुरिया
निवाई, जिला – टोंक, राजस्थान
वर्तमान समय में मंदिर का प्रबंधन सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।
यह मंदिर राजस्थान के प्रमुख लोकदेवता धामों में शामिल है, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और ट्रस्ट द्वारा सभी व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित की जाती हैं।
Vanshthali, Road, Niwai, Jodhpura, Rajasthan 304022
Managing Trust: Shri Devnarayan Temple Trust